पाकिस्तान में भी है पंचमुखी हनुमानजी, लेकिन कहां?

अध्यात्म

पाकिस्तान के कराची शहर को पाकिस्तान का मुंबई भी कहा जाता है इसके साथ ही इस शहर को आपराधियों का शहर भी कहा जाता है। पठानों और मुहाजिरों के झगड़े के लिये कुख्यात इस शहर की पहचान एक खास वजह से भी होती है। समुद्र के किनारे उसकी लहरों का लुत्फ उठाने वाले इस शहर में बरसों पुरानी पंचमुखी हनुमान की बेहद आकर्षक मूर्ति विद्यमान है।

पाकिस्तान का कराची शहर वैसे इस देश का सबसे बड़ा नगर है और सिन्ध प्रान्त की राजधानी है। यह अरब सागर के तट पर बसा है और पाकिस्तान का सबसे बड़ा बन्दरगाह है। यहां एक मंदिर है जिसका रहस्य काफी पुराना है।

शास्त्रों के अनुसार इस मंदिर में भगवान राम भी आ चुके हैं। इस मंदिर का पुर्ननिर्माण निर्माण 1882 में हुआ था। मंदिर में डेढ़ हजार साल पुरानी पंचमुखी हनुमानजी की मूर्ति है।

मान्यता है कि पंचमुखी मूर्ति जमीन के अंदर प्रकट हुई है। जिस जगह पर स्थित है उस जगह से ठीक 11 मुट्ठी मिट्टी हटाई गई थी और हनुमान जी मूर्ति प्रकट हुई। पुजारी के मुताबिक मंदिर में सिर्फ 11 या 21 परिक्रमा लगाने से सारी मनोकामना पूरी हो जाती है।

कराची के इस मंदिर में हिंदू देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। इस मंदिर का महत्व और ऐतिहासिकता को जानने के लिए भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और जसवंत सिंह यहां दर्शन करने के लिए आ चुके हैं।

(सभार / सौजन्य से) 25/05/18

 


Comment






Total No. of Comments: