राजनाथ ने कहा : देश के स्वाभिमान और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा भारत

अंतरराष्ट्रीय

चीन के साथ लगभग एक दर्जन वार्ता के बाद भारत-चीन रिश्तों में सार्वजनिक तल्खी तो थोड़ी घटी है, लेकिन शायद लद्दाख में जमी बर्फ पिघलनी शुरू नहीं हुई है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर से दोहराया है कि भारत किसी भी सूरत में युद्ध नहीं चाहता है लेकिन देश के स्वाभिमान और सुरक्षा को लेकर कोई समझौता भी नहीं करेगा। उन्होंने साफ साफ कहा- भारत हमेशा से शांति के मार्ग पर चलता आया है और 'एक सीमा तक' आगे भी चलता रहेगा। केंद्रीय रक्षा मंत्री का यह बयान खासा अहम है क्योंकि कुछ दिनों पहले यह खबरें आई थीं कि दोनों ओर से सेना की चरणबद्ध वापसी पर सहमति बन गई है। लेकिन उसके बाद से चुप्पी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में देश की सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए कहा - 'उत्तरी सीमा सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है और चीन के साथ भारत के वैचारिक मतभेद हैं। इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाने का प्रयास जारी है। हम किसी सूरत में यानी वाकई किसी भी सूरत में युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन देश के स्वाभिमान, सम्मान के साथ किसी भी सूरत में समझौता भी नहीं होगा।' भारत की ओर से पहले भी यह संदेश दिया जाता रहा है किभारत किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। 'एक सीमा' की बात कहकर राजनाथ ने और स्पष्ट कर दिया कि भारत के जवान विचलित नहीं होते हैं लेकिन उकसावे से हर किसी को बचना चाहिए।

 


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